बालाघाट।
दिल्ली में 14 से 27 नवंबर तक आयोजित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला इस वर्ष भी देश की कला, संस्कृति, परंपराओं और केंद्र एवं राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं के प्रदर्शन का बड़ा मंच बना। इसी राष्ट्रीय आयोजन में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी अपनी प्रदर्शनी लगाई, जहां किशोर स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर विशेष गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
बालाघाट जिले के लिए गौरव की बात है कि इस प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की ओर से चयनित 9 काउंसलरों में उमंग स्वास्थ्य केंद्र बालाघाट की काउंसलर रोशनी टेंभरे ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएँ दीं।
राष्ट्रीय स्तर पर चयन, जिले का नाम रोशन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा 10 से 19 वर्ष आयु वर्ग के किशोर बच्चों के—
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पोषण,
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मानसिक स्वास्थ्य,
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किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक-भावनात्मक परिवर्तन
पर विशेषज्ञ परामर्श देने हेतु मध्यप्रदेश से केवल 9 काउंसलरों का चयन किया गया था। इनमें बालाघाट की रोशनी टेंभरे भी शामिल रहीं, जिन्होंने दिल्ली मेले में किशोर स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर आगंतुकों को जागरूक किया।
शुभचिंतकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर रोशनी को बधाई देते हुए इसे जिले के लिए सम्मानजनक उपलब्धि बताया।
क्या है उमंग स्वास्थ्य केंद्र?
जिला अस्पताल में संचालित उमंग स्वास्थ्य केंद्र किशोर बच्चों के लिए एक विशेष परामर्श केंद्र है।
यहाँ अनुपमा एजुकेशन सोसायटी द्वारा चयनित परामर्शदाता रोशनी टेंभरे सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक काउंसलिंग का कार्य करती हैं।
केंद्र में किशोर बच्चों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाता है, जैसे—
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तनाव प्रबंधन
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आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास
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भावनात्मक संतुलन
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पोषण एवं शारीरिक स्वास्थ्य
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व्यवहारिक परिवर्तन
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जीवनशैली सुधार
रोशनी टेंभरे का कहना है कि—
“किशोरावस्था मनुष्य के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस दौरान बच्चा अपनी पहचान खोजता है और व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया तेज हो जाती है। पढ़ाई, प्रतिस्पर्धा, बदलती दिनचर्या और बढ़ता तनाव बच्चों को प्रभावित करता है, ऐसे में परामर्श बेहद जरूरी है।”
किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विशेष अभियान
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य है कि देश के युवा—
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शारीरिक रूप से स्वस्थ,
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मानसिक रूप से सशक्त,
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भावनात्मक रूप से संतुलित,
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और सामाजिक रूप से सक्षम
बनें।
इसके तहत—
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हर मंगलवार और शुक्रवार विद्यालयों, कॉलेजों, हॉस्टलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में विशेष सत्र आयोजित होते हैं।
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जो बच्चे सीधे काउंसलिंग में नहीं आ पाते, उनके लिए डिजिटल और टेली-सपोर्ट की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन और सेवाएँ
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जस्ट आस्क चैटबॉट: 8657024841
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टेली मानस हेल्पलाइन: 14416
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मन्हित एप्लीकेशन: मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य सहायता के लिए उपलब्ध
समापन
राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी में सेवा देकर रोशनी टेंभरे ने न केवल अपने कार्यक्षेत्र के प्रति समर्पण दिखाया बल्कि बालाघाट जिले का मान बढ़ाने वाली प्रेरणादायक मिसाल भी प्रस्तुत की है।



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